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औदीच्य बन्धु वेव : भगवान् गोविन्द माधव जयंती और चल समारोह संपन्न|

औदीच्य बन्धु वेव : भगवान् गोविन्द माधव जयंती और चल समारोह संपन्न|: भगवान् गोविन्द माधव जयंती और चल समारोह संपन्न| कार्तिक पूर्णिमा, औदीच्य ब्राह्मण दिवस के रूप में ओदिच्य ब्राह्मण समाज द्वारा देश भर...

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अ.भा.औदीच्य महासभा का संविधान पंजीकृत हुआ।

   1 जून 2014 को औदीच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला देवास में अ.भा.औदीच्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रारम्भ हुई । महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा व्दारा श्री गोविन्द माधव के चरणों में प्रणाम करते हुवे, महासभा के संविधान के पंजीकरण की जानकारी से उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया। आपने बताया कि अ.भा.औदीच्य महासभा का गठन वर्ष 1905 में होकर, संविधान का पंजीकरण वर्ष 1953-54 में हुआ था। महासभा के संविधान में समयानुसार संशोधन कर संबंधित रजिस्टार कार्यालय में पंजीकरण आवश्यक होने से प्रथम बार पंजीकृत हुए संविधान संबंधी जानकारी मध्य प्रदेश में इन्दौर भोपाल के रजिस्टार कार्यालय से चाही तो पता लगा की इसका पंजीकरण मध्यप्रदेश में हुआ ही नही है। तब मूल संविधान की प्रति की तलाश की गई तो वह अंग्रेजी में टंकित होकर जीर्ण शीर्ण अवस्था उपलब्ध हुई। मूल संविधान में पंजीकरण देहली के रजिस्टार के कार्यालय का होने से वहां जाकर जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ की यह कार्यालय को दो तीन जगह स्थानान्तरित हुआ है। बडी खोज बीन के बाद कार्यालय की जानकारी मिल सकी। 
     कार्यालय के बार बार स्थानान्तरण होने से 65 वर्ष पूर्व पंजीकृत हुए महासभा के संविधान की फाईल ढूंढना असंभव सा था, किन्तु रेकार्ड रूम से एक सप्ताह तक खोजबीन की गई तब बडी मुश्किल से महासभा से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ तो ऐसा लगा मानों कुबेर का खजाना मिल गया हो। तब इसकी फाईल रजिस्टार महोदय को प्रस्तुत करने पर उन्होने कहा की आपके केन्द्रीय कार्यालय का पता तो इन्दौर का अंकित है, अतः इसे मध्यप्रदेश में ही नये सिरे से पंजीकृत करवाया जावे। इस संबंध में रजिस्टार महोदय को बताया गया कि संविधान का प्रथम पंजीकरण तो आपके कार्यालय में ही हुआ है। इतनी पुरानी महासभा का नये सिरे से पंजीकरण कराने से कई वैधानिक समस्या की संभावना पैदा हो सकती है । तब रजिस्टार के निर्देश अनुसार महासभा के मुख्य कार्यालय का पता दिल्ली एवं उप कार्यालय का पता इन्दौर का दर्शाया जावे। इस कारण सबसे पहले मूल संविधान में अंकित पते पर जाकर जानकारी लेने पर पाया कि दिये गये पते: अब कोई निवास नहीं कर रहा है। अतः दिल्ली में मुख्य कार्यालय का पता दिया गया । 
   रजिस्टार के निर्देशानुसार सारी कार्यवाही पूर्ण कर पंजीकरण हेतु प्रपत्र प्रस्तुत कर दिये गये । एक वर्ष के अन्तराल में उनके व्दारा हर बार एक दो बिन्दु की जानकारी लाने का कहा गया। कागजों की खाना पूर्ति करने में श्री भगवानसिंह शर्मा ,संगठन मंत्री और श्री रवि ठक्कर ,महामंत्री म.प्र.इकाई ने अनेक बार दिल्ली कार्यालय के चक्कर लगाये एवं रात दिन बैठकर सारी जानकारी जुटाई। इस प्रकार लगभग 5000 पृष्ठों की जानकारी प्रस्तुत की गई। इतनी अधिक मेहनत का जानकारी देने के उपरान्त भी संविधान स्वीकृति में रोडा अटकाने पर कठोर रूप अपनाना पडा। उसका इतना असर हुआ कि रजिस्टार ने प्रभावित होकर उसे स्वीकृती प्रदान की जो आज आप सबके सामने प्रस्तुत है ! 
  सभी उपस्थित सदस्यों ने हर्ष ध्वनि के साथ माननीय श्री रघुनन्दन जी के इस असंभव कार्य को अमली जामा पहनाने के प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा कर धन्यवाद ज्ञापित किया ।

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Audichya Bandhu: श्रीस्थल प्रकाश - क्या है?

श्रीस्थल प्रकाश प्राप्ति स्थान-  
 MIG 4/1 प्रगती नगर उज्जैन  0734-2519707 .

 श्रीस्थल प्रकाश के प्रथम खंड में प्राचीन श्रीस्थल(सिद्धपुर) ओर वहाँ के पावन तीर्थ स्थानो की भव्यता का वर्णन है, द्वितीय खंड या उतरार्ध में दसवीं /ग्यारहवीं सदी, के पाटन(गुजरात) सम्राट मूलराज सोलंकी, का परिचय के साथ प्रायश्चित स्वरूप उनके द्वारा आमंत्रित उत्तर भारत क्षेत्र के तेजस्वी विद्वान शाके 1037 संवत से अधिक ब्राह्मणो के द्वारा अनुष्टान/ प्रायश्चित यज्ञ/ ओर उन्हे ग्राम दान/ ब्राह्मणो के गोत्र, अवतंक आदि आदि का वर्णन है।

वर्तमान हिन्दी भाषी क्षेत्रों में संस्कृत या गुजराती भाषा को जानने की योग्यता न होने से हिन्दी भाषान्तर की आवश्यकता पूर्त्ति के निमित्त इसका प्रकाशन महासभा द्वारा किया जा रहा है। 244 मुद्रित प्रष्ट, छह रंगीन फोटो प्रष्ट, ओर 12 अन्य भूमिका आधी के प्रष्टों से युक्त सजिल्द रंगीन ग्लेज्ड आधुनिकतम दोहरे कवर प्रष्ट से सजी यह 7 ½ गुणा 9 ½ इंच की जिसके मध्य में राजा मूलराज का ऋषि ब्राह्मणो के स्वागत का चित्र, ओर आस-पास विंदुसरोवर, भगवान गोविंद माधव, भव्य विखंडित रुद्रमहालय के काल्पनिक चित्र से सजी हें। अंतिम कवर प्रष्ट पर भग्न रुद्र महालय के चार चित्र के साथ उज्जैन की क्षिप्रा नदी तट पर सिंहस्थ परिद्रश्य है।
 यह आकर्षक ग्रंथ यह कोई कविता कहानी या उपन्यास की तरह रोचक साहित्य----------- अधिक देखें --- लिंक : श्रीस्थल प्रकाश - क्या है?:




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Audichya Bandhu: श्रीस्थल प्रकाश - क्या है?

श्रीस्थल प्रकाश प्राप्ति स्थान-  
 MIG 4/1 प्रगती नगर उज्जैन  0734-2519707 .

 , द्वितीय खंड या उतरार्ध में दसवीं /ग्यारहवीं सदी, के पाटन(गुजरात) सम्राट मूलराज सोलंकी, का परिचय के साथ प्रायश्चित स्वरूप उनके द्वारा आमंत्रित उत्तर भारत क्षेत्र के तेजस्वी विद्वान शाके 1037 संवत से अधिक ब्राह्मणो के द्वारा अनुष्टान/ प्रायश्चित यज्ञ/ ओर उन्हे ग्राम दान/ ब्राह्मणो के गोत्र, अवतंक आदि आदि का वर्णन है।
श्रीस्थल प्रकाश के प्रथम खंड में प्राचीन श्रीस्थल(सिद्धपुर) ओर वहाँ के पावन तीर्थ स्थानो की भव्यता का वर्णन है

वर्तमान हिन्दी भाषी क्षेत्रों में संस्कृत या गुजराती भाषा को जानने की योग्यता न होने से हिन्दी भाषान्तर की आवश्यकता पूर्त्ति के निमित्त इसका प्रकाशन महासभा द्वारा किया जा रहा है। 244 मुद्रित प्रष्ट, छह रंगीन फोटो प्रष्ट, ओर 12 अन्य भूमिका आधी के प्रष्टों से युक्त सजिल्द रंगीन ग्लेज्ड आधुनिकतम दोहरे कवर प्रष्ट से सजी यह 7 ½ गुणा 9 ½ इंच की जिसके मध्य में राजा मूलराज का ऋषि ब्राह्मणो के स्वागत का चित्र, ओर आस-पास विंदुसरोवर, भगवान गोविंद माधव, भव्य विखंडित रुद्रमहालय के काल्पनिक चित्र से सजी हें। अंतिम कवर प्रष्ट पर भग्न रुद्र महालय के चार चित्र के साथ उज्जैन की क्षिप्रा नदी तट पर सिंहस्थ परिद्रश्य है।
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अखिल भारतीय औदीच्य महासभा मध्य प्रदेश इकाई की बैठक,नव निर्वाचित औदीच्य ब्राह्मण विधायकों का सम्मान ओर श्री स्थल प्रकाश हिन्दी अनुवाद का विमोचन।

 अखिल भारतीय औदीच्य महासभा मध्य प्रदेश इकाई की बैठक, दिनांक 05/01/2014 रविवार को नव निर्मित महामालव औदीच्य मांगलिक परिसर चिंतमण रोड, पर होने जा रहा है। 
     अखिल भारतीय औदीच्य महासभा के अध्यक्ष श्री रघुनंदन जी शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न होने जा रही है। 
    इसमें, श्री स्थल प्रकाश जो की औदीच्य ब्राह्मणो के इतिहास का एक महत्व पूर्ण संस्कृत ग्रंथ है, के हिन्दी अनुवाद का प्रकाशन/ विमोचन, एवं औदीच्य ब्राह्मण समाज के विजयी विधान सभा सदस्यों का अभिनंदन, भी होगा। 
     इस अवसर पर अन्य प्रदेशों के वरिष्ठ पदाधिकारी ओर गुजरात विशेषकर सिद्धपुर से कई महत्व पूर्ण औदीच्य समाज के सदस्य उपस्थित रहेंगे। सभी प्रदेश ओर जिला स्तरीय अध्यक्ष, महामंत्रियों सहित युवा/ महिला/ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

विषय;- 1- जिला इकाइयों की अद्यंत   गतिविधियों की समीक्षा।
     2- श्री स्थल प्रकाश हिन्दी भाषांतर ग्रंथ का विमोचन।
       दिनांक 5 जनवरी 2014 रविवार।
 प्रति श्री --------------------------------------------------------------------------------------
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महोदय,
प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणियों के कार्यकाल को लगभग चार वर्ष पूर्ण होने को है, अत: गत वर्षों की गतिविधियों की समीक्षा बैठक, राष्ट्रीय महासभा अध्यक्ष श्री रघु नन्दन जी शर्मा की अध्यक्षता में होगी। समस्त पदाधिकारी आवश्यक रूप से उपस्थित रहें।
कृपया आप बैठक में आपके जिले में अबतक आयोजित गतिविधियों की जानकारी, सदस्यता अभियान संबंधी समस्त रिकार्ड /प्राप्त रसीद कट्टे, उपयोग में लिए गए एवं शेष रसीदों का रिकार्ड, साथ में लाएँ। सदस्यता अभियान की राशि /बेंक खाता क्रमांक/ बेंक जमा राशि/ का विवरण साथ में लाएँ। जहां बेंक खाता नहीं खुला हो वहाँ की राशि प्रदेश इकाई कार्यालय में जमा करावें।
बैठक के तत्काल पश्चात औदीच्य ब्राह्मण समाज के इतिहास से संबन्धित संस्कृत ग्रंथ “श्रीस्थल प्रकाश” के हिन्दी भाषांतर का विमोचन आयोजित होगा। यह ग्रंथ विक्रय हेतु इस अवसर पर आधे मूल्य (लगभग रु 150/-) में उपलब्ध होगा। आप इसकी अपने सभी समाज जन के लिए कितनी प्रति चाहते हें, अभी लिख भेजें, एवं उतनी राशि साथ लेकर आयें।                                              

दिनांक 5 जनवरी 2014 रविवार 
  • * बैठक का समय-  प्रात: 10:30
  • * श्री स्थल प्रकाश हिन्दी भाषान्तर ग्रंथ का विमोचन समय दोपहर 12 बजे।
  • * कार्यक्रम पश्चात सहभोज। 
  • स्थान- महामालव औदीच्य ब्राह्मण समाज मांगलिक परिसर चिंतामण गणेश रोड उज्जैन                                              
 इस अवसर पर औदीच्य ब्राह्मण समाज के मध्यप्रदेश से विधान सभा के लिए नव निर्वाचित सर्व श्री गोवर्धन उपाध्याय , सर्व श्री  राजेंद्र पाण्डे जी , सर्व श्री मुकेश पंडया जी का स्वागत ओर सम्मान किया जाएगा।


[1 - सिरोंज जिला विदिशा से कांग्रेस प्रत्याशी श्री गोवर्धन उपाध्याय जी को 65297 मत प्राप्त हुए 1584 मत से विजयी। समाज की एकता ने यहाँ बी जे पी के केविनेट संस्क्रती मंत्री श्री लक्ष्मी कान्त शर्मा जी को पराजित किया। 2- जावरा जिला रतलाम से बीजेपी के राजेंद्र पाण्डे जी को 89656मत प्राप्त 29851 से विजयी। 3- बड़नगर जिला उज्जैन से बी जे पी के मुकेश पंडया को 58679 मत प्राप्त। 13135 से विजयी हुए हें। ]
  प्रकाश दुबे 

कोटा 9/03/2013-- अ; भा; औदीच्‍य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सम्‍पन्‍न।

 अ; भा; औदीच्‍य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सम्‍पन्‍न।
 प्रस्तुत कर्ता- उद्धव जोशी
दिनांक 9/3/2013 शनिवार, आयोजन, अ;भा; औदीच्‍य महासभा की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी एवं राजस्‍थान प्रदेश प्रान्‍तीय कार्यकारिणी की बैठक। 
आयोजन स्‍थल-  सहस्‍त्र औदीच्‍य नानी सम्‍वाय श्री लक्ष्‍मीकान्‍त मन्दिर बैराज रोड, टिपटा, कोटा, 
आयोजक अ;भा; औदीच्‍य महासभा राजस्‍थान प्रान्‍त एवं कोटा सभाग। 

प्रांगण् में प्रवेश करते ही आत्‍मीयता के साथ् अतिथियों का कुकंम तिलक लगाकर नाम पंजीयन के साथ एक हेण्‍ड बेग एवं डायरी सभी आगन्‍तुक अतिथियों को प्रदान की गई । 

श्री वृजवल्‍लभ शर्मा, अध्‍यक्ष अ;भा; औदीच्‍य महासभा कोटा संभाग ने निर्धारित समय प्रात: 11 बजे अपनी सशक्‍त, ओजपूर्ण शैली एवं श्री गोविन्‍द माधव भगवान के जयकारे के साथ बैठक प्रारम्‍भ् करने की घोषणा कर सर्वप्रथम अतिथि गण श्री रघुनंदन जी शर्मा, राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष् ,अ;भा; औदीच्‍य महासभा एवं सांसद राज्‍य सभा, श्री हरिकुमार औदीच्‍य, पूर्व शिक्षा मंत्री राजस्थान प्रान्‍त, श्री उदयसिंह जी पण्‍डया, वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष अ;भा; औ; महासभा, श्री हेमशंकर दीक्षित, अध्‍यक्ष राजस्‍थान प्रदेश इकाई, श्री मोहन दवे, अध्‍यक्ष्  महाराष्‍ट्र प्रदेश इकाई, श्री हीरालाल जी त्रिवेदी, सेवा निव्रत्त राजस्‍व आयुक्‍त म;प्र; शासन, श्री भगवानसिंह शर्मा, संगठन मंत्री, अ;भा; औदीच्‍य महासभा, श्री विनोदचन्‍द्र व्‍यास महामंत्री, श्री लक्ष्‍मीनारायण व्दिवेदी बांसवाडा, श्री रमेश पण्‍डया, से॰नि॰ एडीशनल कलेक्‍टर म;प्र; शासन, श्री सुभाष शर्मा, अध्‍यक्ष नगर निगम देवास को ससम्‍मान मंचासीन कराया। अतिथियों व्‍दारा श्री गोविन्‍द माधव के चित्र का पूजन एवं माल्‍यार्पण कर दीप प्रज्‍जवलित किया। परम्‍परानुसार सभी अतिथियों का पुष्‍पहार पहना कर भावभीना स्‍वागत किया। श्री हेमशंकर जी दीक्षित ने 'स्‍वागत उदबोधन' दिया । 
   इसके पश्‍चात श्री भगवानसिंह जी शर्मा, ने राष्ट्रीय  कार्यकारिणी की बैठक प्रारम्‍भ् करते हुऐ राजस्‍थान प्रदेश र्इकाई को धन्‍यवाद ज्ञापित किया। श्री उद्धव जोशी, उज्‍जैन ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की  गत बैठक की विवरणी का वाचन किया जिसकी पुष्‍टी की गई। 
   विषय सूचि के क्रमानुसार डॉ श्री मधु सूदन जी व्‍यास, उपाध्‍यक्ष म;प्र; इकाई ने,[श्री प्रकाश दुबे, अध्‍यक्ष् अ;भा; औ; महासभा मध्‍यप्रदेश् इकाई का स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं होने के कारण उनकी अनुपस्थिति में] प्रत्‍येक जिले में हुवे सदस्‍यता अभियान की विस्‍त्रत जानकारी देते हुए संकलित राशि का विवरण प्रस्‍तुत किया। आपने बताया की सबसे अधिक सदस्‍य उज्‍जैन जिला ग्रामीण् के अध्‍यक्ष श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी ने बनाये जो उनकी साधना और कार्यकुशलता का प्रतीक है। साथ जिलों में की गई बैठकों तथा आयोजनों के बारे में बताते हुए आगामी योजना पर भी प्रकाश डाला। आपने औदीच्‍य बन्‍धु वेबसाईड की जानकारी देते हुवे समाज के सदस्‍यों से आग्रह किया कि वे अपने अपने प्रान्‍त में होने वाली बैठको, आयोजन, धर्मशालाओं, प्रतिभाओं एवं अविवाहित युवा युवतियों की अध्यतन जानकारी लगातार भेजते रहें,  ताकि बेव साईड के माध्‍यम से समाज उसका लाभ ले सके।
     श्री मोहन दवे, अध्‍यक्ष्‍, अ;भा; औदीच्‍य महासभा महाराष्‍ट्र इकाई ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्‍तुत करते हुए कहा महाराष्‍ट्र इकाई का गठन अप्रेल 2012 में होकर अभी बाल्‍यावस्‍था में है। मुम्‍बई शहर व्‍यवसाय से जुडा हुवा है। इसके उपरान्‍त भी हमने मेधावी छात्रों का सम्‍मान, विधवा महिला को आर्थिक सहयोग, 3 वेद पाठशालाओं से जुडते हुवे समाज के युवकों को वेदाध्‍ययन के लिये प्रेरित करना, परिचय सम्‍मेलन तथा सामूहिक विवाह आयोजित करने वाली समाज की संस्‍थाओं के साथ् सहयोग करने तथा सदस्‍यता अभियान को भी गति दी जा रही है। अप्रेल 2013 में स्‍थापना दिवस मनाये जाने पर विचार किया जा रहा है। मुम्‍बई का आदमी अपने को कास्‍ट से नहीं क्लास से जोडता है। आपने उपस्थित सदस्‍यों से कहा कि उनके जो भी रिश्‍तेदार आदि मुम्‍बई में हो उनकी जानकारी हम तक पहुंचाये ताकि उनसे सम्‍पर्क कर सके।  
  श्री हेमशंकर जी दीक्षित, अध्‍यक्ष राजस्‍थान इकाई ने अपने उदबोधन में कहा कि महासभा की राजस्‍थान इकाई को अभी ढाई वर्ष का ही समय हुआ है। 36 जिलों में से 24 जिलों में महासभा का गठन कर सदस्‍यता अभियान जोर शोर से चलाया जा रहा है। सामूहिक आयोजनों को बढावा देने के साथ ही साथ सामूहिक यज्ञोपवित संस्‍कार कराये गये हैं। युवाओं को केरियर गाईडेन्‍स की व्‍यवस्‍था के साथ क्रेडिट काआपरेटिव सोसायटी बनाई गई जिससे आर्थिक लाभ् समाज को हो सके। 
   श्री उदयसिंह जी पण्‍डया ने अपने उदबोधन में कहा कि महासभा के सदस्‍यता अभियान के साथ निरन्‍तर सार्थक स्‍वरूप की बैठके करने से संगठन में मजबुती आती है। समाज के स्‍कूल, बैंक आदि होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र को विकसित करने के लिये हर जगह अधिक से अधिक समाज के स्‍कूल खोलना होगा। इसी प्रकार बैंक एवं सहकारी सोसायटी भी हर जिला इकाई को खोलना चाहिए जिससे समाज को नई उर्जा मिल सकेगी। अध्‍यक्ष महोदय ने महासभा का जो विकेन्‍द्रीकरण् किया वह प्रशंसनीय है। 
   श्री हीरालाल जी त्रिवेदी ने कहा कि सामाजिक संगठन मजबूत हो। श्री शर्माजी के नेतृत्‍व में समाज के संगठन की पहचान हुई है, जो बधाई के पात्र हैं। हमारे संविधान में, जितने भी सुझाव दिये गये हैं उन सभी का समावेश है। संजीवनी कोष में अधिक से अधिक राशि एकत्रित होना चा‍हिए ताकि गंभीर बीमारी से पीडित व्‍यक्ति को यथा समय सहयोग मिल सके । राजस्‍व के संबंध में मैंने काफी अध्‍ययन किया है । पहले के समय में चौथ् वसूल होती थी। आज भी कर वसूल किया जाता है किन्‍तु पहले की अपेक्षा बहुत कम है। बच्‍चों के शैक्षणिक,शारीरिक विकास के लिए फण्‍ड होना चाहिए। वेदों में ब्राहमणों लिए जो निर्देश दिए गये हैं उसका पालन हमें करना चाहिए। छात्रावास का निर्माण तथा कोआपरेटिव सोसायटी का गठन आदि स्‍थानीय स्‍तर पर ही करना चाहिए। उत्‍तर प्रदेश में समाज का संगठन शीघ्र बनाया जावेगा। यदि समाज हित के कोई प्रश्‍न होगें तो उनका राष्ट्रीय स्‍तर पर निराकरण करेगें ।  
 अध्‍यक्ष् महोदय ने उपस्थित सदस्‍यों से सुझाव, ओर  प्रश्‍न आमंत्रित  किये ।
 उपस्थित सदस्‍यों व्‍दारा दिये गये सुझाव --निम्नानुसार हें। 
  •  मृदुला औदीच्‍य कोटा--- बालिकाओं की शिक्षा के लिऐ महासभा में फण्‍ड की व्‍यवस्‍था होना चाहिए ।
  • श्री रेवाशंकर जोशी उज्‍जैन --कोआपरेटिव सोसायटीयों का जिले वार गठन कर उसमें राशि डाली जावे ताकि युवाओं को रोजगार मिलेगा । 
  • श्री सत्‍यनारायण् जी कोटा - औदीच्‍य बन्‍धु के मप्र,राजस्‍थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि प्रान्‍तों के अलग अलग परिशिष्‍ट निकाले जावें ताकि समाज के सदस्‍यों की रूचि के साथ सदस्‍य संख्‍या में वृध्दि हो सके ।  आपने यह बताया की सरकार व्‍दारा अन्य जाति में विवाह करने पर युवक युवतियों को प्रोत्‍साहन राशि 5 लाख् देने की घोषणा की गई है, इसका समाज पर विपरीत असर पडेगा। महासभा व्‍दारा इसका पुरजोर विरोध् किया जाना चाहिए। यहां परिषद भवन का निर्माण् किया जा रहा है। इसके लिए महासभा  भी सहयोग करे।
  • उर्मिला शर्मा कोटा - मातृशक्ति समाज हित के कार्यो को करने के लिये सदैव तैयार है। औदीच्‍य बन्‍धु पत्रिका के अधिक से अधिक सदस्‍य बनाने का प्रयास किया जावेगा । 
  • रमेश जोशी कोटा-औदीच्‍य समाज के आचार विचार शुध्‍द हों इसके लिए सभी को प्‍याज लहसुन का उपयोग करना छोडना चाहिए।  
  • गोपीवल्‍लभ् तिवाडी जयपुर - मथुरा में समाज की एक धर्मशाला होकर पर्याप्‍त बर्तन आदि भी है किन्‍तु वहां दबंग लोगों ने कब्‍जा कर लिया है। राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी से निवेदन है, कि वह इस पर उचित कार्यवाही करे। उत्‍तर प्रदेश् में महासभा, समाज का संगठन बनावे। बांसवाडा में हुई तीन बच्‍चों की हत्‍या की चर्चा भी की गई। संजीवनी कोष् की व्‍यवस्‍था प्रत्‍येक जिलास्‍तर पर होना चाहिए ताकि तत्‍काल संबंधितों को सहायता दी जा सके। औदीच्‍य बन्‍धु का शुल्‍क न्‍यूनतम रखा जावे ताकि अधिक से अधिक सदस्‍य बन सके, क्योकि यह व्‍यावसायिक पत्र नहीं है । 
  • दातारशंकर शर्मा उदयपुर- औदीच्‍य बन्‍धु की सदस्‍यता राशि को यदि महासभा की सदस्‍यता राशि में जोड दी जावे तो अधिकतम सदस्‍य बन सकेगें। 
  • विनय मेहता कोटा -  युवाओं को सांस्क़ृतिक एवं खेल गतिविधियों से जोड कर राज्‍य एवं जिला तहसील स्‍तर तक आयोजन किये जावे ताकि वे आपस में जुड सके। 

प्रथम सत्र की समाप्ति पर औदीच्‍य बन्‍धु के पितृपुरूष् स्‍व; श्री सुशीलकुमार जी ठाकर सा; को मौन श्रध्‍दांजली अर्पित की गई । 

भोजनोपरान्‍त राजस्‍थान प्रान्‍त की कार्यकारिणी की बैठक सम्‍पन्‍न हुई, जिसमें श्री हेमशंकर जी दीक्षित, अध्‍यक्ष राजस्‍थान प्रान्‍त ने सदन को संबोधित कर महासभा के सदस्‍यता अभियान, सामाजिक आयोजन,जाति संगठन आदि पर अपने विचार प्रगट किये ।
   इसके बाद चित्‍तोडगढ, भीलवाडा, जयपुर, प्रतापगढ, कोटा, बूंदी, झालावाड, बांसवाडा आदि जिलों के अध्‍यक्षों ने अपने जिलों की प्रगति एवं होने वाली कठिनाईयों की जानकारी प्रस्‍तुत की। अन्‍त मे श्री विनोदचन्‍द्र जी व्‍यास, महामंत्री अ;भा औदीच्‍य महासभा ने अपनी कठिनाई बताई।  औदीच्‍य बन्‍धु के प्रत्‍येक अंक में महासभा अध्‍यक्ष महोदय का संदेश छपना चाहिए, तथा महामंत्री का महासभा की गतिविधियों के संबंध में प्रतिवेदन भी छपना चा‍हिए ताकि महासभा  की गतिविधियों की जानकारी मिल सके ।  महासभा के अधिवेशन की अगली बैठक बांसवाडा में रखी जावे। परिचय सम्‍मेलन की तरह सामूहिक यज्ञोपवित आयोजन के लिए भी महासभा की और से सहयोग  राशि दी जाना चाहिए।
         श्री रघुनंदन जी शर्मा ने अपने उदबोधन में कहा कि मैंने सबके सुझाव, समस्‍या और प्रश्‍नों को सुना। आपने सर्वप्रथम औदीच्‍य बन्‍धु के पितृ पुरूष श्री सुशीलकुमार जी ठक्कर द्वारा औदीच्‍य बन्‍धु की सुद्रढता के लिये जीवन भर जो प्रयास किए वे प्रशंसा के योग्य हैं। इस तरह से आपने बन्‍धु को शिशु की तरह पाला और आर्थिक रूप से सशक्‍त बनाया। यह उनका समाज के प्रति समर्पण था। आपने उनके व्‍दारा लिखी गई अंतिम इच्‍छा के बारे में विस्‍तार से बताया। औदीच्‍य बन्‍धु का अगला अंक स्‍व; श्री ठक्कर साहब को समर्पित होगा। अत: उनके संबंध में जिसके पास पुराने फाटोग्राफस, बिताये गये यादगार क्षण,एवं विचार आदि हो तो शीघ्र भेजें ।
पूछे गए प्रश्नो के उत्तर देते हुए कहा की उत्‍तर प्रदेश में समाज के संगठन के बारे में कई माध्‍यमों से खबर भेजी गई किन्‍तु कोई भी आज तक इस कार्य करने के लिए आगे नहीं आया हे। बैंक, को आपरेटिव सोसायटी, शिक्षा संस्‍थान को बनाने के लिए स्‍वयं इकाईयों को प्रयास करना होगा। महासभा उसमें यथायोग्‍य सहयोग कर सकेगी। महिला शिक्षा के बारे में प्रस्‍ताव विचाराधीन है। संजीवनी कोष् के बारे में कहा कि इस कोष् में सहयोग राशि जमा नहीं हो रही है। इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। मेरे पास यदि कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्‍त व्‍यक्ति आता है तो मैं उसे शासन से पूरी सुविधा दिलाने में मदद करता हूं। जिन प्रान्‍तीय सरकारों में अन्‍य जाति में विवाह करने पर आर्थिक मदद की जावेगी जैसे आदेश निकाले हैं तो महासभा अपनी और उन्‍हे विरोध पत्र भेजेगी । 
आगे संस्कारो की बात कही की, ब्राहमणत्व के संस्कारों को जीवित रखने की जिम्‍मेदारी जितनी माता बहनों की है उतनी ही पुरूषों की भी है। हर सदस्‍य को धोती अवश्‍य पहनना चाहिए। महासभा का सदस्‍य बनना हमारे संस्‍कारो से जुडा हुआ है। यदिपरिवार जड से जुडा रहेगा तो पुष्पित पल्‍लवित रहेगा । हमें सर्वश्रेष्‍ठ बन कर दिखाना होगा । हर क्षेत्र में प्रतिभाओं को अपना परचम फहराना होगा। माता बहने मेत्रेयी और गार्गी के समान तेजी से आगे बढे । दयानन्द सरस्वती ओर कवि प्रदीपजी के बारे में बता कर औदीच्‍य समाज की  गौरव गाथा की जानकारी दी, ओर कहा की औदीच्‍य समाज में जो विशेष गुण्  है, उन्‍हे आलोकित करना होगा । 
    सभी मंचासीन अतिथियों को स्‍मृति चिन्‍ह प्रदान किये गये। अ;भा; औदीच्‍य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए इन्‍दौर से श्री उल्‍हास ठक्‍कर एवं श्री प्रकाश जोशी, देवास से जगदीश शर्मा उज्‍जैन से श्री प्रेमशंकर पण्‍डया, ओमप्रकाश पण्‍डया, शरद त्रिवेदी, सुभाष पण्‍डया, मथुराप्रसाद शर्मा, नन्‍दकिशोर पाण्ड्या, जानकीलाल महिदपुर से भगवतीप्रसाद जोशी, शकरखेडी से श्री बापूलाल जी जोशी, साथ ही राजस्‍थान प्रान्‍त के विभिन्‍न जिलों से औदीच्‍य समाज के प्रतिनिधि एवं सदस्‍य गण उपस्थित हुवे । 

बैठक का संचालन श्री व्रजवल्‍लभ जी शर्मा ने बडी रोचक शैली में करते हुए सदन को बांधे रखा। आभार श्री दामोदर जी शाण्डिल्‍य ने मानते हुवे बैठक समाप्ति की घोषणा की। 
मंच पर पीछे अंकित श्लोक  ''औदीच्‍या: ऋषया सर्वे श्रोत्रिया: शास्‍त्र पारगा। इति लब्‍धा प्रतिष्‍ठा येवयं तेषा कुलोद भव्॥ ने सभी का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। 
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दिनेश शर्मा ने अ॰ भा॰औ॰ महासभा के अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा का संदेश सिद्धपुर मेँ दिया।


अखिल भारतीय औदिच्य महासभा के अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा का संदेश सिद्धपुर मेँ दिया। 
सिद्धपुर गुजरात
सिद्धपुर औदीच्य सहस्र ब्राह्मण ज्ञाति की 'श्री विकास ट्रस्ट' द्वारा श्री जयनारायन जी व्यास तत्कालीन "आरोग्य मंत्री गुजरात, के समर्थन मे सिद्दपुर मे आयोजित एक सभा में अ॰ भा॰ ओदीच्य महासभा उज्जैन जिला इकाई के प्रचार मंत्री श्री दिनेश शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप मे आमंत्रित किया गया था। इस सभा में महाराष्ट्र से निरंजन ठाकर, सूरत से युवा उध्योग पति एवं समाज के अध्यक्ष श्रे गोरांग उपाध्याय, अहमदाबाद से राजेन्द्र जी भट्ट, राजस्थान से श्री अरविंद जी मुखिया उदयपुर, आदि कई समाज जन सारे देश से एकत्र हुए थे।
इस सभा में प्रदेश अध्यक्ष सुश्री प्रज्ञा ठाकर, सिद्धपुर अध्यक्षा श्रीमति दक्षाबेन ठकार, भी उपस्थित थी।
श्री दिनेश शर्मा जी ने समस्त उपस्थित औदीच्य बंधुओं को मजबूत संगठन बनाए रखने का आव्हान किया साथ  ही अखिल भारतीय औदिच्य महासभा के अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा का संदेश भी दिया।  
दिनेश शर्मा   

महिला संगठन उज्जैन द्वारा सुंदर कांड का आयोजन।

महिला संगठन उज्जैन द्वारा सुंदर कांड का आयोजन।

 उज्जैन समाचार  -उद्धव जोशी 
महिला संगठन उज्जैन द्वारा सुंदर कांड का आयोजन।
श्रीमती सुषमा व्‍यास, अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा, महिला संगठन जिला उज्‍जैन व्‍दारा दिनांक 23 दिसम्‍बर 2012 को श्री सहस्र औदीच्‍य कोटिलिंगेश्‍वर महादेव धर्मशाला अब्‍दालपुरा उज्‍जैन सुन्‍दरकाण्‍ड का आयोजन रखा गया था। इस आयोजन में समाज की शताधिक महिलाओं की जीवन्‍त उपस्थिति में सुर ताल के साथ सुन्‍दरकाण्‍ड का पाठ किया गया । आरती एवं प्रसाद वितरण के उपरान्‍त महिला संगठन की एक बैठक सम्‍पन्‍न हुई । श्रीमती श्‍लेषा व्‍यास व्‍दारा बैठक का संचालन किया गया । सर्वप्रथम महिलाओं व्‍दारा दिल्‍ली में हुए शर्मनाक एवं विभत्‍स काण्‍ड की भर्सना करते हुए पीडित बालिका के शीघ्र स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की कामना की । इसके पश्‍चात औदीच्‍य समाज वरिष्‍ठजन समिति उज्‍जैन व्दारा उन माताओं को सम्‍मानित किया जाना है जिनको केवल बेटियां ही है, क‍ि जानकारी दी जाकर नाम शीघ्र देने हेतु कहा गया । 
समाज में कम उम्र की विधवा,परित्‍यक्‍ता एवं अन्‍य कारणों से कष्‍टप्रद जीवन जी रही बेटियों को पुन दाम्‍पत्‍य जीवन का सुख देने पर विस्‍तार से चर्चा की जाकर इस ज्‍वलन्‍त समस्‍या के निदान हेतु युध्‍दस्‍तर पर मैदानी कार्य करने का सभी उपस्थित महिलाओं ने संकल्‍प लिया । अखिल भारतीय स्‍तर पर इस मुहिम को चलाकर इसको पूर्णता प्रदान करने की बात कही । 
श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी, अध्‍यक्ष अ;भा;औदीच्‍य महासभा उज्‍जैन ग्रामीण व्‍दारा नव वर्ष में सामूहिक यज्ञोपवित का आयोजन किया जाना है जिसकी सूचना सभी महिलाओं को दी गई ताकि इस सामूहिक आयोजन में बटुकों की यज्ञोपवित करने की मानसिकता बनालें । 
सभी उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपनी भावना को व्‍यक्‍त करते हुए यह भी कहा की वैवाहिक समारोह में व्‍यर्थ पैसों की एवं अन्‍न की बरबादी होकर दिखावा किया जा रहा है,इस पर भी सामाजिक नियन्‍त्रण आवश्‍यक है । महिला एवं युवा संगठन के साथ इस मुहिम को गति देना कारगर होगा । इस संबंध में भी सभी से विचार विमर्श कर कार्य योजना बनाई जावेगी । 
अन्‍त में महिला संगठन व्‍दारा उपस्थित महिलाओं को महासभा का सदस्‍य बनाये जाने के साथ अन्‍य महत्‍वपूर्ण जानकारी भी दी गई ।
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औदीच्‍य समाज के 50 महिला पुरूषों सदस्‍यों का दल 15 दिवसीय इलाहाबाद,नैमिषारण्‍य आदि लगभग 25 धार्मिक स्‍थानों की यात्रा पर रवाना हुआ।

उज्जैन 4 जनवरी 2013
 धर्मध्‍वजा फहरा कर तीर्थयात्रियों को विदाई दी।
           श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा, उज्‍जैन ग्रामीण्‍.  के नेत्रत्‍व में सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न हुई सिध्‍दपुर/ गुजरात/ की धार्मिक यात्रा का उत्‍साह मालवा क्षेत्र में अपनी बढत बनाये हुऐ है। इसी कडी में दिनांक 4 जनवरी 2013 को श्री विनायक जी ग्राम उडाना के नेत्रत्‍व में औदीच्‍य समाज के 50 महिला पुरूषों सदस्‍यों का दल 15 दिवसीय इलाहाबाद,नैमिषारण्‍य आदि लगभग 25 धार्मिक स्‍थानों की यात्रा पर रवाना हुआ।


धार्मिक यात्रा पर रवाना होने से पूर्व हनुमान अष्‍टमी को अखण्‍ड रामायण की पूर्णाहुति एवं आरती सम्‍पन्‍न की गई । इसके पश्‍चात उपस्थित समाजजनों ने ग्राम उडाना में स्थित हनुमान जी के दर्शन कर यात्रा की सफलता हेतु आशीर्वाद लिए एवं भोजन प्रसादी ग्रहण की ।
तीर्थयात्रियों की विदाई हेतु श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी के नेत्रत्‍व में अ;भा;औदीच्‍य महासभा के सदस्‍य श्री उद्धव जोशी, प्रकाश पाण्‍डे , प्रमोद जोशी, राजेन्‍द्र शर्मा, भेरूलाल जी पण्‍डया वासुदेव जी ,मथुराप्रसाद शर्मा, गणेशीलाल जी पण्‍डया , शर्मा, वासुदेव रावल, राजेश त्रिवेदी, जगदीश उपाध्‍याय, आदि ग्राम उडाना गये । सभी तीर्थयात्रियों को पुष्‍पहार पहना कर यात्रा की सफलता के हेतु शुभकामना एवं ऐसी धार्मिक यात्राऐं निरन्‍तर चलती रहे इसी भावना के साथ श्रीसत्‍यनारायण जी त्रिवेदी जी ने धर्मघ्वजा फहरा कर विदाई दी ।
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विमोचन एवं सम्‍मान समारोह सम्‍पन्‍न

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नागदा में '' औदीच्‍य समाज दर्पण'' पत्रिका विमोचन एवं सम्‍मान समारोह सम्‍पन्‍न [30/12/12]
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    चम्‍बल नदी के तट पर स्थित राजा जनमेजय की नगरी, नागदा तथा तहसील खाचरोद एवं आसपास के ग्रामों में औदीच्‍य समाज का बाहुल्‍य होकर इन दोनों तहसीलों में सामाजिक गतिविधियां एवं आयोजन सदैव होते रहते है । इसी कडी में अ;भा;औदीच्‍य महासभा की तहसील ईकाई नागदा,के अध्‍यक्ष श्री सुभाष्‍।  व्‍यास एवं खाचरोद के तहसील अध्‍यक्ष श्री सत्यनारायण जी शर्मा तथा जिला प्रचार मंत्री , संपादक श्री दिनेश शर्मा एवं कार्यकारिणी सदस्‍यों के अथक प्रयास से दोनों तहसीलों में निवास कर रहे औदीच्‍य समाज के परिवारों का विवरण '' औदीच्‍य समाज दर्पण'' पत्रिका में समाहित किया जाकर दिनांक 30 दिसम्‍बर 2012 रविवार प्रात 11 बजे नागदा में परिवार विवरण पत्रिका के विमोचन एवं प्रतिभाओं के सम्‍मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया । 
     कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि श्री रघुनंदन जी शर्मा , राष्ट्रीय अध्‍यक्ष अ;भा;औदीच्‍य महासभा एवं सदस्‍य राज्‍यसभा ,कार्यक्रम के अध्‍यक्ष श्री प्रकाश जी दुबे , प्रदेशाध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा म; प्र; इकाई ,विशेष अतिथि श्री शिवनारायण जी जागीरदार विधायक उज्‍जैन दक्षिण, श्री हीरालाल जी त्रिवेदी, मुख्‍य सचिव राजस्‍व मप्र शासन , श्री हरिभाई जी आचार्य , प्रमुख औदीच्‍य ब्रहम समाज उत्‍तर गुजरात, श्री अविनाश भाई ठाकर ,उप प्रमुख्‍ा औदीच्‍य ब्रहम समाज उत्‍तर गुजराज एवं पुमुख औदीच्‍य ब्रहम समाज सिध्‍दपुर, श्री मोहन दवे , अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा महाराष्‍ट प्रान्‍त , श्री रवि जी ठक्‍कर, प्रदेश महामंत्री औदीच्‍य महासभा एवं उप महाप्रबन्‍धक अपेक्‍स बैंक , श्री भगवान जी शर्मा , राष्ट्रीय संगठन मंत्री औदीच्‍य महासभा , पटेल श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी अध्‍यक्ष्‍ा उज्‍जैन जिला ग्रामीण,पं; श्री सोहन भटट अध्‍यक्ष् उज्‍जैन शहर, श्री मोहनलाल जी जोशी , प्रसिध्‍द उधोगपति एवं अध्‍यक्ष महामालव औदीच्‍य धर्मशाला क्षीरसागर उज्‍जैन, श्री कमल जी उपाध्‍याय अध्‍यक्ष. जिला ग्रामीण युवा इकाई उज्‍जैन थे । औदीच्‍य समाज के वरिष्‍ठ एवं सम्‍माननीय डॉ; श्री लक्ष्‍मीनारायण जी पाण्‍डे , पूर्व राष्ट्रीय अध्‍यक्ष औदीच्‍य महासभा एवं सर्वाधिक बार निर्वाचित सांसद तथा श्री वासुदेव जी रावल , सदस्‍य राष्ट्रीय कार्यकारिणी अ; भा; औदीच्‍य महासभा एवं से; नि; उप पुलिस अधीक्षक जिनको उनके विशिष्‍ट सामाजिक योगदान के लिये सम्‍मानित किया जाना था ,भी उपस्थित थे।
   सर्वप्रथम सम्‍माननीय अतिथियों व्दारा इष्‍टदेव श्री गोविन्‍द माधव के चित्र पर माल्‍यार्पण कर दीप ज्‍योति प्रज्‍वलित की। श्री सोहन भटट एवं सदस्‍यों व्‍दारा स्‍वस्ति वाचन किया गया। ततपश्‍चात समस्‍त अतिथियों का पुष्‍पहार पहना कर हार्दिक स्‍वागत किया गया ।श्री चंद्रशेखर जी दवे ने सभी अतिथियों का शाब्दिक स्‍वागत किया गया। समस्त अतिथियों का स्वागत श्याम सुंदर भट्ट, केलाश शर्मा, ईश्वर लाल भट्ट, शंकरलाल जोशी, सुरेश शर्मा, दिनेश शर्मा, केदार प्रसाद शर्मा, दिनेश व्यास, जितेंद्र जोशी, संजय ठाकुर, जसवंत सिंह व्यास, घनश्याम दवे, मोहन लाल उपाध्याय, राधेश्याम जोशी, रणजीत सिंह व्यास, रामलाल पण्ड्या, यादवलाल शर्मा, सिद्धनाथ पाठक, प्रह्लाद सिंह व्यास, गोविद सिह पण्ड्या, रामेश्वर व्यास, भेरुलाल पटेल, जगदीश उपाध्याय, जगदीश शर्मा, सुभाष पंडया, चंदन सिंह, सत्यनारायन जोशी, दिनेश मेहता, गोवर्धन लाल अवस्थी, निरंजन मेहता, श्याम लाल शर्मा, मुन्नालाल भट्ट, शिवनारायण शर्मा आदी ने किया।     

   स्‍वागत, वन्‍दन के उपरान्‍त नागदा महासभा के अध्यक्ष सुभाष चंद्र व्यास, प्रचार मंत्री दिनेश शर्मा, एवं खाचरोद महासभा अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने डा; श्री लक्ष्‍मीनारायण जी पाण्‍डे एवं श्री वासुदेव जी रावल का उनके सामाजिक, प्रशासनिक एवं राजनैतिक क्षेत्र में विशिष्‍ठ योगदान के लिऐ शाल श्रीफल एवं सम्‍मान पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया गया। श्री वासुदेव जी रावल के सम्‍मान पत्र का वाचन श्री सोहन भटट एवं श्री पाण्‍डे जी के सम्‍मान पत्र का वाचन श्री सुन्‍दरलाल जोशी ने किया। समाज सेवा में अपने विशिष्ट योगदान के लिए समाज के व्रध्‍दजनों का जिन्‍होने समाज की सेवा तन, मन और धन के करते हुवे अपने अनुभवों का लाभ नई  पीढी को दिया, आदि को शाल श्रीफल एवं स्‍म्रति चिन्‍ह भेंटकर सम्‍मानित किया गया। पूनम चंद्र पटेल, देवी लाल शर्मा ब्राह्मण खेड़ी, त्र्यंबकलाल पण्ड्या, जुगल किशोर आचार्य, ईश्वर लाल व्यास,   राम चंद्र शर्मा, कांतिलाल आचार्य, शंकर लाल त्रिवेदी, आंबाराम जोशी, गेंदा लाल पण्ड्या, दुलीचन्द्र त्रिवेदी, प॰ लक्ष्मी नारायण राजोटा, का शाल श्रीफल व स्म्रती चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।     सम्‍मान की अनवरत चलने वाली इस कडी में श्री सोहनलाल पण्‍डया उज्जैन को विश्‍वविख्‍यात गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजम की 125 वी जयंती के अवसर पर राज्‍यस्‍तरीय प्रतियोगिता '' वैदिक गणित एवं प्राथमिक कक्षाए'' विषय में व्दितीय स्‍थान प्राप्‍त करने पर शाल श्रीफल से सम्‍मानित किया गया। श्री चंद्रशेखर जी दवे नागदा को उनकी ज्‍योतिषीय विव्‍दता एवं सामाजिक सेवा के लिए सम्‍मानित किया गया । विभिन्‍न परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्‍त करने वाले प्रतिभावान विध्‍यार्थियो कु॰ वेष्णवी रावल, कु॰ शिवानी शर्मा, अनुज शर्मा, नितेश शर्मा, अंकित त्रिवेदी, निखिल जोशी, कु॰ गोरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों व्‍दारा नागदा खाचरोद में बसे औदीच्‍य परिवारों की जानकारी की सम्मिलित विवरण पुस्तिका औदीच्‍य दर्पण का विमोचन किया गया। नवगठित तहसील एवं युवा ईकाई की कार्यकारिणी के सदस्‍यों को श्री रघुनन्‍दन जी शर्मा व्‍दारा कर्त्‍तव्‍य निष्‍ठा की शपथ दिलाई गई ।
     अतिथि उदबोधन में श्री सोहन भटट, श्री भगवानसिंह शर्मा, श्री रवि ठक्‍कर, श्री हरिभाई जी आचार्य, श्री अविनाश भाई ठाकर श्री वासुदेव जी रावल, श्री लक्ष्मीनारायण जी पाण्‍डे, श्री शिवनारायण जी ने श्री प्रकाश जी दुबे ने सामाजिक संगठन को मजबूत कर महासभा के सदस्‍य बनाने, सामूहिक विवाह, परिचय सम्‍मेलन एवं यज्ञोपवित करने की बात कही। श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी जिन्‍होने मालवा क्षेत्र में सामाजिक चेतना को जाग्रत किया है ने जिला इकाई व्‍दारा माह जनवरी 2012 से दिसम्‍बर 2012 तक किये गये सामाजिक आयोजनों की विश्‍लेषणात्‍मक जानकारी प्रस्‍तुत की। सभी ने औदीच्य दर्पण के संकलन,सम्पादन, के लिए दिनेश शर्मा को बधाई दी ओर सराहना की।   सहस्र औदीच्य ब्राह्मण समाज उत्तर गुजरात के हरी भाई ने कहा की ब्राह्मणो का दायित्व हे, की वह देव सन्स्क्रती को जीवित रखे। दान दे, वेद पड़े, ओर यज्ञ करे, ओर यज्ञ करवाए। अविनाश भाई ने कहा में अपने परिवार के बीच आकार बहुत प्रसन्न हूँ। क्योंकि हम सब एक स्थान सिद्धपुर के निवासी हें। औदीच्य दर्पण के प्रकाशन के लिए संपादक दिनेश शर्मा को पूरे गुजरात समाज की ओर से बधाई दी। अविनाश भाई ठाकुर एवं हरिभाई आचार्य ने प्रतिभा शाली विध्यार्थियों के लिए रु॰ 5100/- की राशि प्रदान करने की घोषणा की।  
औदीच्य दर्पण का एक प्रष्ट,  आंतरिक दर्शन। 
           महासभा के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष श्री रघुनन्‍दंन जी शर्मा सा; ने अपने प्रभावी उदबोधन में बताया कि अ; भा; औदीच्‍य महासभा के संशोधित संविधान को तैयार कर महासभा के सम्‍मेलन में उसकी प्रतियां सभी सदस्‍यों को वितरित की जाकर अनुमोदित करवाया गया। इसके बाद भोपाल, इन्‍दौर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में पूराने संविधान की फाईल प्राप्‍त करने के प्रयास किए गये किन्‍तु यहां पंजीकरण नहीं होने से फाईल नहीं मिली । दिल्‍ली रजिस्ट्रार कार्यालय में मैने स्‍वयं अपने पीए के साथ जाकर सारा रेकार्ड देखा जो तत्‍समय अनुपलब्‍ध रहा । मेहनत और सतत प्रयास कभी भी विफल नही होते हैं । दो दिन बाद ही संविधान की पुरानी फाईल उपलब्‍ध हो गई । आवश्‍यक सभी कार्यवाही करने के उपरान्‍त अब शीघ्र ही संशोधित संविधान को मंजुरी मिल जायेगी। आपने अपने कार्यकाल में हुए महासभा के अखिल भारतीय स्‍वरूप के विकेन्द्रि करण राजस्‍थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्‍यप्रदेश आदि प्रान्‍तों में करने, महिला और युवा संगठनों आदि के बारे में विश्‍लेषणात्‍मक जानकारी दी। आपने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मात्रशक्ति ने ही धर्म और संस्‍क्रति को बचाया है । उन्‍हे सामाजिक बुराईयों को दूर करने में भी आगे आना होगा। तहसील स्‍तर तक सामाजिक आयोजनों की श्रखंला बनाते हुए सतत आयोजन किए जावे ताकि समाज संगठित हो सके। आपने गुजरात प्रान्‍त के अध्‍यक्ष से कहा कि ब्रहम समाज के 15 सदस्‍यों के नाम भेजें ताकि हम उन्‍हे कार्यकारिणी में सम्मिलित कर सकें । निश्चित रूप से वर्तमान अध्‍यक्ष्‍ श्री रघुनंदन जी शर्मा की प्रभावी तथा अनुशासित कार्यशैली के कारण असंभव कार्य संभव हो सका। उनके व्‍यक्तित्‍व और बुध्दिचातुर्य की दाद देना पडेगी जिसके कारण उन्‍होने महासभा का अखिल भारतीय स्‍तर तक फैलाव कर दिया ।
  कार्यक्रम का संचालन श्री सुन्‍दरलाल जी जोशी एवं श्री चंद्रशेखर जी  दवे नागदा व्‍दारा प्रभावी शैली में किया गया। उज्जैन दक्षिण विधायक श्री शिवनारायण जी जागीरदार ने आभार प्रदर्शन किया।
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देवास में वार्षिकोत्‍सव एवं प्रतिभा सम्‍मान समारोह सम्‍पन्‍न ।

कार्यक्रम के फोटो ग्राफ 
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देवास. औदीच्‍य ब्राहमण समाज देवास का वार्षिकोत्‍सव एवं प्रतिभा सम्‍मान समारोह दिनांक 25 दिसम्‍बर 2012 को औदीच्‍य समाज धर्मशाला इटावा देवास में सानन्‍द सम्‍पन्‍न हुआ । मुख्‍य अतिथि श्री रघुनन्‍दन जी शर्मा, राज्‍य सभा सदस्‍य एवं अध्‍यक्ष अ;भा;औदीच्‍य महासभा थे। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता श्री प्रकाशचन्‍द्र जी दुबे,अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा म; प्र; ने की । विशेष अतिथि श्री उदयसिंह जी पण्‍डया,वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष, अ; भा; औदीच्‍य महासभा , श्री रमेशचन्‍द्र जी पण्‍डया, पूर्व एसडीएम उज्‍जैन, डा; श्री मधुसूदन जी व्‍यास उज्‍जैन, उपाध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा मप्र ईकाई, श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी, अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा जिला उज्‍जैन ग्रामीण, श्री मोहनलाल जी जोशी नरवर , अध्‍यक्ष महामालव धर्मशाला क्षीरसागर उज्‍जैन , श्री सुरेशचन्‍द्र जी उपाध्‍याय ,अध्‍यक्ष रामोत्‍सव पारमार्थिक न्‍यास उज्‍जैन, श्री सुधीर आचार्य,डी; ई; एमपीईबी देवास , श्री अनोखीलाल जी पण्‍डया , अध्‍यक्ष अ; भा; औदीच्‍य महासभा जिला देवास, श्री मोतीलाल जी व्‍यास,  भू;पू;अध्‍यक्ष औदीच्‍य समाज देवास, थे। सर्वप्रथम अतिथियों व्‍दारा दीप प्रज्‍वलन कर श्री गोविन्‍द माधव भगवान  का पूजन किया । इसके पश्‍चात सभी अतिथियों का पुष्‍पहार पहना कर सम्‍मान किया गया ।
              श्री किशोर पण्‍डया, अध्‍यक्ष औदीच्‍य समाज देवास व्‍दारा ,समाज एवं धर्मशाला के कार्यो का प्रगति प्रतिवेदन पुस्‍तुत करते हुवे भविष्‍य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। कोषाध्‍यक्ष श्री जगदीश नारायण उपाध्‍याय,व्‍दारा आय व्‍यय का प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया । इसके बाद सामाजिक सेवा,में अपना सक्रिय योगदान देने वाले वरिष्‍ठजनों  का शाल श्रीफल भेंटकर सम्‍मान किया । साथ ही प्रतिभाशाली छात्र,छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं सम्‍मान राशि देकर सम्‍मानित किया । सभी अतिथियों को भी शाल श्रीफल से सम्‍मानित किया गया । इस अवसर पर श्री सोहन पण्‍डया उज्‍जैन को जिनके व्‍दारा विश्‍वविख्‍यात गणितज्ञ  श्रीनिवास रामानुजम की 125 वी जयंती के अवसर पर  वैदिक गणित एवं प्राथमिक कक्षाऐं विषय पर पेपर प्रस्‍तुतीकरण के साथ शोधपत्र का वाचन उच्‍च अध्‍ययन शिक्षा संस्‍थान भोपाल में आयोजित राज्‍यस्‍तरीय प्रतियोगिता  में करते हुए व्दितीय स्‍थान प्राप्‍त करने पर सम्‍मानित किया गया ।
                       अतिथि उदबोधन में श्री सत्‍यनारायण जी त्रिवेदी, श्री रमेशचन्‍द्र जी पण्‍डया, श्री सुरेशचन्‍द्र जी उपाध्‍याय, डा;श्री मधुसूदन जी व्‍यास, श्री प्रकाशचन्‍द्र जी दुबे, श्रीमती बसन्‍ती  देवी त्रिवेदी  ने समाज में हो रही सामाजिक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए, आगे हम और कौनसी गतिविधीयों विशेषकर के माध्‍यम से समाज में महिला और युवा शक्ति को आगे बढा सकते है, आदि कई महत्‍वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला । डा;मधुसूदन जी व्‍यास ने अ;भा;औदीच्‍य महासभा की ब्लागसाईड एवं पेज पर डाली जाने वाली जानकारीयों के संबंध में विस्‍त़त रूप से प्रकाश डाला ।
                       अन्‍त में विशेष अतिथि श्री रघुनन्‍दन जी शर्मा ने अपनी ओजस्‍वी वाणी में समाज जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज में सामूहिक स्‍वरूप में जो गतिविधयां संचालित हो रही है वे प्रशंसनीय है किन्‍तु आगे भी  इन्‍हे निरन्‍तर और सक्रियता से जारी रखना होगा।  महासभा के विकेन्‍द्रीकरण और सदस्‍यता अभियान के संबंध में विस्‍तार से चर्चा की । आपने श्री बसन्‍ती बाई त्रिवेदी,अध्‍यक्ष अ;भा;औदीच्‍य महासभा महिला संगठन जिला देवास ने बच्‍चों के पहनावे पर दिये गये  विचार से सहमति जताते हुऐ अभिभावकों को सचेत कर कहा कि बच्‍चों को सात्विक  वेश भूषा में रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए किन्‍तु आज बच्‍चे राजसी याने पाश्‍चात्‍य सभ्‍यता का अनुकरण करने लगे है जिसके दुष्‍परिणाम हमारे सामने दिखाई  दे रहे है। आपने अभिभावकों से निवेदन किया कि वे पढने वाले बच्‍चों को कदापि मोबाईल की सुविधा उपलब्‍ध नहीं करावे क्‍योंकी इसके कारण बच्‍चों व्‍दारा भावुकता में गलत निर्णय लेने से माता पिता और  परिवार को  अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड रहा  है । इस कर्णपिशाचिनी यन्‍त्र के कई दुष्‍परिणाम सामने आ रहे है। इसके व्‍दारा पारिवारिक स्थिति भी छिन्‍न भिन्‍न हो रही है । सदुउपयोग और दुरूपयोग दोनों के लिए मोबाईल का उपयोग करने वाले स्‍वयं जिम्‍मेदार हैं ।
                         कार्यक्रम का संचालन श्री जगदीश शर्मा ,संपादक औदीच्‍य समाज समाचार पत्र देवास व्‍दारा किया गया । कार्यक्रम के आयोजक थे,श्री किशोर पण्‍डया,अध्‍यक्ष औदीच्‍य समाज देवास,श्री महेन्‍द्र व्‍यास,अध्‍यक्ष नवयुवकमण्‍डल एवं श्रीमती बसन्‍ती बाई त्रिवेदी अध्‍यक्ष महिला मंडल । आभार प्रदर्शन श्री सुभाषचन्‍द्र पण्‍डया हेबतपुरा व्‍दारा किया गया । भोजनोपरान्‍त कार्यक्रम समाप्‍त हुआ।
   

सिद्धपुर गुजरात से पधारेंगे विशेष अतिथि - औदीच्य समाज दर्पण परिवार पत्रिका का विमोचन नागदा में 30/12/2012 को ।


सिद्धपुर गुजरात से पधारेंगे विशेष अतिथि - औदीच्य समाज दर्पण परिवार पत्रिका का विमोचन नागदा में 30/12/2012 को ।
अखिल भारतीय औदीच्य महासभा द्वरा की जा रही परिवार की जानकारी एवं जनगणना का कार्य सभी दूर चल रहा हे इसमे बाजी मारी हे उज्जैन ग्रामीण की नागदा एवं खाचरोद तहसील ने जहां पर प्रत्येक घर के समस्त सदस्यों की जानकारी परिश्रम पूर्वक बना कर प्रकाशित की जा रही हे। 
अखिल भारतीय औदीच्य महासभा उज्जैन ग्रामीण के अंतर्गत नागदा एवं खाचरोद  तहसील [उज्जैन] के द्वारा दिनांक 30/12/2012 को नागदा में क्षेत्र के औदीच्य बंधुओ की पारिवारिक जानकारी [जनगणना] की इस पुस्तिका का विमोचन  महासभा के अध्यक्ष श्री रघु नन्दन जी शर्मा द्वारा किया जा रहा हे। इस कार्यक्रम में सपरिवार आने का आमंत्रण समाज जनो को दिया गया हे। इस अवसर पर सिद्धपुर से श्री अविनाश भाई ठाकार [उप प्रमुख औदीच्य ब्रम्ह समाज , उत्तर गुजरात एवं प्रमुख औदीच्य ब्रम्ह समाज सिद्धपुर,] लगभग 30 सहयोगियों सहित विशेष रूप से पधार रहे हें। इस अवसर पर नव गठित युवा तहसील इकाई के के सदस्य कर्तव्यनिष्ठा की शपथ भी लेंगे। इसके साथ ही कई सहयोगियों के सम्मान ओर छात्र-छात्राओं को पुरुस्क्रत करने की योजना हे। 
प्रात:  11 बजे से प्रारम्भ होने वाला यह कार्यक्रम बिड़ला मंदिर के सामने स्थित टेंपल गेस्ट हाऊस नागदा जिला उज्जैन में आयोजित हो रहा हे। 



सिध्‍दपुर ग्राम के मुखिया- श्री गोविन्‍दराय जी - श्री माधवराय जी भगवान

फोटो गेलरी    
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भगवान- श्री गोविन्‍दराय जी - श्री माधवराय जी 
 सिध्‍दपुर ग्राम के मुखिया 
 लेखक
भालचंद भाई ऐस. ठाकुर
मंत्री
श्री गोविंद माधव मंदिर कमेटी सिध्‍दपुर
  गुजराती  से अनुवादित
द्वारा  श्रीमति मंजुला  पंकज जोशी  उज्जैन 

 सिद्धपुर के दर्शनीय स्थान
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सिध्‍दपुर अति प्राचीन धार्मिक. पवित्र और एतिहासिक नगरी
            यहाँ  श्री कर्दम प्रजापति श्री देवहुति माता तथा श्री कपिलमुनि का आश्रम, बिन्‍दुसरोवर तथा अल्‍पा सरोवर की  है। सांख्‍य शास्‍त्र के प्रणेता श्री कपिल भगवान की मां देवहुति का उध्‍दार इसी जगह में हुआ है । ऐसी पवित्र भूमि का उल्‍लेख  श्रीमद भागवत जी के दूसरे अध्‍याय में है। सिध्‍दपुर उसी समय से श्री मातृ-गया तीर्थ स्‍थान के रूप मे पूरे जगत में प्रसिध्‍द है । पूरे भारत भर से मातृ गया में श्राध्‍द करने हेतु हिन्‍दू लोग यहां आते हैं। उसमें जब पितृ मास जैसे कार्तिक, चैत्र, और भादव मास में तो खूब श्रध्‍दा के साथ माता का मोक्ष [श्राद्ध] करने लोग आते हैं। 

यहां मां सरस्‍वती भी गुप्‍त रूप से हाजिर है। लगभग 1978 के बाद तो सरस्‍वती लुप्‍त हो गई है । उसके पहले सरस्‍वती चार किनारों में बहती थी । लेकिन आगे बांध बंध जाने के कारण पानी नहीं पहुंचता है, फिर भी लोगों की श्रध्‍दा में थोडा सा भी अन्‍तर नहीं आया। मां सरस्‍वती नदी के किनारे पर श्री अरडेश्‍वर महादेव, श्री ब्रम्‍हांडेश्‍वर महादेवश्री वाल्‍केश्‍वर महादेवश्री सिध्‍दनाथ महादेव, श्री हाटकेश्‍वर महादेव,श्री बटेश्‍वर महादेव  श्री सरस्‍वती माता तथा हिंगलाज माता और भव्‍य रूद्रमहालय का अति प्राचीन मंदिर है। श्री बरडेश्‍वर महादेव के मंदिर परिसर में सिध्‍दपुर के संत श्री देवशंकर बापा का भव्‍य आश्रम है।
तस्वीर
सिद्धपुर के दर्शनीय स्थान
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  सिध्‍दपुर देवभूमि है। यह भूमि ऋषि मुनियों तथा देवताओं की भूमि है ।  सभी देवताओं का मोसाण सिध्‍दपुर है। इस धार्मिक और पवित्र शहर सिध्‍दपुर में ग्राम के मध्‍य भाग में मंडी बाजार के चौक में श्री गोविन्‍दराय जी,श्री माधवराय जी भगवान का 215 वर्ष पुराना अति प्राचीन और भव्‍य मंदिर है । इन भगवान को लोग गामधणी (ग्राम के मालिक) के नाम से पहचानते हैं ।

सिद्धपुर के दर्शनीय स्थान
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मोर्य काल की हें गोविंद-माधव की मूर्तियाँ 
 इस मंदिर की स्‍थापना ही भगवान का चमत्‍कार है। श्री गोविंदराय जी और श्री माधवराय जी भगवान की दोनों मूर्तियां अलग अलग स्‍थान से प्राप्‍त हुई है। लगभग 215 वर्ष पहले सिध्‍दपुर के आसपास के किसान अनाज कपास आदि बेचने हेतु सिध्‍दपुर के बाजार में आते थे । एक किसान की कपास की गाडी में एकदम वजन बढ जाता है । मां सरस्‍वती के पट में किसान व्‍दारा गाडी में तलाश करने पर श्री माधवराय जी मूर्ति कपास में से मिली, उस सफेद मारबल की बनी मूर्ति को किसान ने नदी के घाट पर उतारी । उस गांव के लोगों को पता चला तो गांव के लोगों ने मूर्ति को गांव में लाकर मंदिर बनाने की शुरूआत की।
उसी समय  श्री गोविंदराय जी की मूर्ति बिन्‍दू सरोवर पीछे जंगल में मिली । लोगों का यह कहना है कि कच्‍छ के एक किसान के खेत में यह मूर्ति गढी हुई पाई थी । भगवान ने किसान के स्‍वप्‍न में आकर कहा। कुछ खुदाई के बाद मूर्ति को बाहर निकाल कर सिध्‍दपुर बिन्‍दु सरोवर के जंगल में रखी । गांव के लोगों को यह खबर मालूम पडने पर मूर्ति लाकर त्रिवेदी परिवार के बडे बुजुर्गो ने भगवान का मंदिर बनाकर दोनों मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा करके भव्‍य मंदिर की स्‍थापना की। इसी कारण इस परिवार सदस्‍यों को वारसा पाने का हक है। इतिहासकारों ने बताया की चंद्रगुप्‍त और चाणक्‍य के समय की ये मूर्तियां है। भगवान के आयुध शंख्‍,चक्र , गदा और पदम का उपर से अनुमान होता है। 
वार्षिक उत्सव-पूजन की व्यवस्था:- 
हाल ही में मंदिर की व्‍यवस्‍था सिध्‍दपुर श्री हिन्‍दु महाराज व्‍दारा स्‍वतन्‍त्र रूप से समिति का निर्माण करने में आया है । कितने ही वर्षो से श्री गोविन्‍द माधव मंदिर कमेटी पूजन और सारी व्‍यवस्‍था बहुत अच्‍छे तरीके से कर रही थी । यह कमेटी चेरिटी कमिश्‍नर के कार्यालय में र‍जीस्‍टर्ड ट्रस्‍ट है। यह कमेटी श्रीजी का नीचे लिखे अनुसार उत्‍सव पूजन आदि भव्‍य रूप में करती है। 

  1. अन्‍नकूट नव वर्ष कार्तिक सुदी  प्रतिपदा । 
  2. श्रीजी को पाटोत्‍सव जन्‍म दिवस माह सुदी त्रयोदशी । 
  3. जन्‍माष्‍टमी श्रावण वदी अष्टमी । 
  4. रामनवमी चैत्र सुदी नवमी  अन्‍नकूट । 
  5. धुलेटी/ होली के दूसरे दिन फागुन वदि प्रतिपदा । 
  6. वामन जयंति भादवा सूदी एकादशी, अन्‍नकुट । 
  7.  न्रसिंह जयन्‍ती वैशाख सुदी चतुर्दशी अन्‍नकुट । 
  8. रथयात्रा अषाढ सुदी द्वितीय । 
           उपरोक्‍त उत्‍सवों में रथयात्रा तथा धुलेटी में श्रीजी की शोभा यात्रा गांव में निकलती है। इन दो दिनों में भगवान सारे शहर की परिक्रमा के लिए निकलते हैं। सभी शहर वासियों को दर्शन का लाभ मिलता है। सिध्‍दपुर में लगभग 65 वर्षो से श्री गोविन्‍द माधव भगवान की रथयात्रा चांदी के सुशोभित कलात्‍मक रथ्  में निकलती है। यह चांदी का रथ्  संवत 2000 के साल में सेठ श्री मगनलाल मूलचंद वारसो , सेठ श्री गोरधनदास मगनलाल हेरू सेठ की ओर से श्री जी को भेंट किया। इस रथ में 60 किलो चांदी का उपयोग हुआ ।
      इस रथ यात्रा में सिध्‍दपुर के औदीच्‍य सहस्‍त्र ब्राहमण जाति के युवको छोटे छोटे बालक स्‍नान कर पिताम्‍बर पहन कर खूब पवित्रता से भगवान को गांव की परिक्रमा कराते हैं। गांव के बडे बुढे श्रेष्‍ठजन ,उधेागपति डाक्‍टर,वकील,और भजन मंडली,महिला मंडल आदि सब जुड जाते हैं । यह रथ् यात्रा श्रीजी के मन्दिर से निकल कर सरस्‍वती नदी के किनारे माधु पावडी पहुंचती है। वहां विद्वान ब्राहमणों व्‍दारा वेदमंत्रो से श्रीजी की पादुका की विधी पूर्वक पूजन तथा आरती होती है।उसके बाद रथयात्रा स्‍वंय के मन्दिर में आती है। जहां आखिर में भगवान की आरती और श्रीजी की पोखवानी विधि होती है। इस रथ यात्रा का स्‍वागत हर मोहल्‍ले के युवको तथा श्रध्‍दालुओं व्‍दारा किया जाता है। हर जगह ठण्‍डा पानी ,शरबत, छाछ आदि की सेवा कर भव्‍य स्‍वागत किया जाता है। समग्र रथ यात्रा पवित्रता पूर्वक सम्‍पूर्ण होती है। सिध्‍दपुर तथा आस पास के लोग श्रध्दा पूर्वक भगवान के दर्शनों का लाभ लेते हैं।
     इस रथ यात्रा में श्री निलकंठेश्‍वर मन्दिर की 2500 वर्ष पुरानी गादी के शंकराचार्य जी भी जुडे हुए हैं। इस तरह भव्‍य तरीके से रथ्  यात्रा का आयोजन होता है।
    धुलेटी/ होली के दूसरे दिन फागुन वदि प्रतिपदा को इसी प्रकार होली के दूसरे दिन जो धुलेटी के नाम से जाना जाता है श्री जी की शोभा यात्रा चांदी की पालकी में निकलती है। यह शोभायात्रा पटेल लोगों की माढ में आकर सिध्‍दनाथ महादेव मन्दिर जाती है।
इसके बाद भगवान का जन्‍म दिन माह सुदी 13 को विश्‍वकर्मा जयन्‍ती के दिन आता है । उस दिन भी कमेटी व्‍दारा श्रीजी का षोडशेापचार पूजन,अभिषेक ,राजभोग,101 दीपक की आरती ,मंत्र जागरण्‍,स्‍वाध्‍याय मंडल के 
कार्यक्रम,दत्‍त मंडल के भजन और विव्‍दान पंडितों का सत्‍संग का कार्यक्रम रखकर पूरे दिन भर भक्‍तजनों को महाप्रसाद का वितरण सुबह से शाम तक चलता रहता है। पूरे शहर तथा आसपास के भक्‍तजन खूब उत्‍साह से उपरोक्‍त कार्यक्रम और भगवान के दर्शनों का लाभ लेते हैं। 
      इस प्रकार श्रीगोविन्‍दराय जी.माधवरायजी भगवान के प्रति सिध्‍दपुर के हर संप्रदाय के लोगों की अपार श्रध्‍दा है। जिनका सिध्‍दपुर वतन है किन्‍तु व्यवसाय / रोजगार के लिए बाहर बसे यहां के प्रत्‍येक नागरिक की भगवान के प्रति अपार श्रध्‍दा है।
        गामधणी का हूलामणा नाम से जाने जाने वाले सिध्‍दपुर के इष्‍टदेवता कुदरती आफतों से ग्राम के लोगों की तथा गांव की रक्षा करते हैं। और गांव के लोगों की श्रध्‍दा के प्रमाण से श्री गोविंदरायजी माधवरायजी की क्रपा हर भक्‍त के उपर बनी रहे। ऐसा हर भक्‍त का अनुभव है। श्रीजी की श्रध्‍दा के प्रमाण से हरएक भक्‍तों का कार्य पूर्ण होता है।
      सिध्‍दपुर के बाहर के लोगों के भी श्री गोंविन्‍द माधव भगवान कुल देवता हैं। गुजरात और भारत भर के भक्‍त जन आपके दर्शन हेतु आते हैं। यहां बहुत से परिवारों के बच्‍चों की मान भी उतरती है।
   जीर्णोध्‍दार- गत वर्ष श्री गोंविन्‍द माधव भगवान की दोनों अति प्राचीन मूर्तियों का इतने सालों से होते रहे अभिषेक के कारण मूर्ति  का क्षरण (घिसती) जा रही थी । उसका जीर्णोध्‍दार वैदिक पध्‍दति से आयुर्वेदिक लेप व्‍दारा जिसमें केमिकल की एक भी वस्‍तु का उपयोग लिए बिना सुन्‍दर स्‍वरूप दिया। उसके बाद पूरे मंदिर का जीर्णोध्‍दार और रंगरोगन कराया गया। इस पवित्र काम में श्रीजी के भक्‍तों, शहर के नागरिकों, उधोगपतियों, तथा श्रध्‍दालु भक्‍तों का संपूर्ण सहयोग मिलने से यह काम रूपये 18 से 20 लाख का खर्च करके मंदिर का जीर्णोध्‍दार ई;सं; 2010 में करवाया गया ।
   मंदिर की पवित्रता के लिए तीन दिन तक श्री महाविष्‍णु यज्ञ का तथा भगवान के उपर सहस्‍त्र कलश का जलाभिषेक का कार्यक्रम भी श्रीजी के जन्‍म दिवस पर करवाया । ऐसे श्रीक्रष्‍ण बलराम के स्‍वरूप समान श्री गोंविदरायजी श्री माधवरायजी भगवान का दर्शन लाभ लेकर जीवन धन्‍य करने के लिए हरेक गुजरात की धार्मिक जनता को श्रीजी मंदिर कमेटी की और से हार्दिक आमंत्रण है ।                        2/1/2012  सिध्‍दपुर

 लेखक
भालचंद भाई ऐस;ठाकुर
मंत्री
श्री गोविंद माधव मंदिन कमेटी सिध्‍दपुर 
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उक्त यह आलेख गुजराती भाषा मे हमको प्राप्त हुआ  था।  हिन्दी मेँअनुवादित होकर प्रस्तुत हे । किसी प्रकार की त्रुटि शांशोधन योग्य होगी अवगत करावे। धन्यवाद । लगभग 37 फोटोग्राफ़्स मेरे द्वारा लिए गए हें , दर्शनार्थ प्रस्तुत हें क्लिक करे -फोटो गेलरी    सिद्धपुर के दर्शनीय स्थान
-डॉ मधु सूदन व्यास उज्जैन 
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